“एसटीपीआई द्वारा स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने हेतु एनजीआईएस योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग स्कीम’” - Sri Narada News

“एसटीपीआई द्वारा स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने हेतु एनजीआईएस योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग स्कीम’”

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भोपाल। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) भोपाल ने गुरुवार, 27 अगस्त, 2020 को नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम (एनजीआईएस) के लिए एक आउटरीच वेबिनार का आयोजन किया,  जिसे 12 टियर -2 स्थानों में काम करने वाले स्थानीय स्टार्ट अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए तैयार और संकल्पित किया गया है। मध्यप्रदेश  मे भोपाल को इस योजना के कार्यान्वयन  लिए  चुना गया है।

डॉ ओंकार राय, महानिदेशक ने मुख्य वक्ता के रुप मे कहा की एनजीआईएस एक भविष्य योजना है जो एसटीपीआई के पैन इंडिया केंद्र से प्रौद्योगिकी स्टार्ट अप को व्यापक प्रोत्साहन और लाभ प्रदान करने वाली योजना है। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना  के तहत  आधारभूत संरचना, मेंटरशिप, कानूनी अनुपालन,  आईपीआर, मार्केट कनेक्ट  और रु  25 लाख तक प्रति स्टार्ट अप को सीड फंडिंग सहित लगभग 300 स्टार्ट अप / उद्यमियों का प्रोत्सहित करने की योजना है।

देवेश त्यागी, सीनियर डायरेक्टर एसटीपीआई-मुख्यालय ने इको सिस्टम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बताया और स्टार्ट अप और इनोवेटर्स से इस एनजीआईएस चुनौती "चुनौति" में हिस्सा लेने और योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।

सुबोध सचान, निदेशक एसटीपीआई मुख्यालय और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसटीपीआई नेक्स्ट इनिशिएटिव्स ने ऑनलाइन चैलेंज प्रतियोगिता “चनौटी” के बारे में बताया कि ‘चुनौती’ एक ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा है जिसके द्वारा महामारी की स्थिति के दौरान तथा उसके बाद मे सामने आने वाली समस्याओं / चुनौतियों जैसे कृषि, वित्त, रसद और कौशल विकास आदि का सामना करने हेतु उत्पादों और समाधानों को खोजने वाले नवाचार स्टार्ट-अप को खोजा जा रहा  है। उन्होंने आयोजन में उपस्थित प्रतिभागियों के प्रश्नों को भी स्पष्ट किया।इस योजना से चयनित स्टार्ट-अप को स्थानीय मेंतोर/ संरक्षक के अलावा एसटीपीआई के राष्ट्रव्यापी संरक्षक पूल तक पहुंच होगी।

नेमेश सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Appointy Inc और एनजीआईएस योजना भोपाल के मुख्य मेंटर/ संरक्षक  ने अपनी स्टार्ट अप यात्रा के बारे में बात की और स्टार्ट अप यात्रा के दौरान उन्होने जिन विभिन्न चुनौतियों का सामना किया उसका उल्लेख किया ।उन्होंने कहा कि फंडिंग की तुलना में राइट मेंटरिंग अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और किसी भी स्टार्ट अप के लिए यह बेहद मुश्किल है कि वह उन मेंटर के मार्गदर्शन और प्रोत्सहन के बिना सफल हो, जिन्होंने खुद चुनौतीयो का  सामना किया और इन चुनौतियों से बाहर आए हैं। उन्होंने आगे कहा एनजीआईएस योजना मे एक सफल उद्यम के लिए एक नवोदित स्टार्ट को पोषित करने हेतु एनजीआईएस योजना के पास सभी आवश्यक चीजे शामिल हैं।

प्रदीप करमबेलकर, संस्थापक एव निदेशक विज़न एडविज़ारी  ग्रुप जो एक मेंटर भी हैं, ने कहा कि प्रतिबद्धता और जुनून सफलता की कुंजी है और सही दिशा प्राप्त करना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर के महत्व और आवश्यकता के बारे में भी बताया, जो न केवल मेंटरिंग और वित्तीय सहायता प्रदान करता है, बल्कि टिकाऊ व्यवसाय विकास मॉडल, कनेक्ट , कानूनी और वैधानिक अनुपालन, सीए सेवा और कराधान, जीएसटी और इसके अनुपालन और बाजार से संबंधित मामले जैसे विभिन्न अन्य सेवा भी प्रदान करता है। योगेश खाकरे , भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत बी नेस्ट इनक्यूबेशन केंद्र के सीओओ ने बी- नेस्ट में चयनित  स्टार्ट अप भोपाल स्मार्ट सिटी के लिए अभिनव उत्पाद बनाने में एवम उनके योगदान के बारे में बात की।

एनजीआईएस योजना की जानकारी  और प्रस्तुति रवि वर्मा, अतिरिक्त निदेशक और ओआईसी-मध्य प्रदेश द्वारा दी गई । वर्मा, ने एनजीआईएस और ऑनलाइन चुनौती प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताओ के बारे में बताया। इस कार्यक्रम का संचालन एस.टी.आई.इंदौर के संयुक्त निदेशक एस. एच. अब्बास मेहदी ने किया और बड़े पैमाने पर स्टार्ट अप, उद्यमियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने इस वेबिनार मे भाग लिया। "चुनौनी" ऑनलाइन चुनौती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर है और स्टार्ट अप विवरण के लिए वेबसाइट https://ngis.stpi.in पर जा सकते हैं।

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