75 किमी दूर से नजर आएगी गुना में स्थापित होने वाली भगवान राम की 110 फीट ऊंची प्रतिमा - Sri Narada News

75 किमी दूर से नजर आएगी गुना में स्थापित होने वाली भगवान राम की 110 फीट ऊंची प्रतिमा

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पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया का ड्रीम प्रोजेक्ट बनेगा रिलीजियस टूरिज्म का नेशनल सेंटर

विजय एस. गौर, भोपाल। देश में विशाल देव प्रतिमाओं वाले स्थलों में जल्द ही गुना भी शामिल होने वाला है, क्योंकि यहां पर देश की विशालतम भगवान राम की प्रतिमा स्थापना होगी। इस प्रतिमा की ऊंचाई 110 फीट होगी, जिसको 75 किमी दूर से ही देखा जा सकेगा। 

ज्ञात हो कि गुना की हरीपुर पंचायत के तहत राम टेकरी आती है, जहां पर अतिप्राचीन राम मंदिर है। इसी मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही इसी टेकरी पर प्रतिमा निर्माण स्थल का प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गया है। इसके साथ ही गुना से इस टेकरी तक आने-जाने के लिए वन-वे का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। वहीं पहाड़ी के चारों तरफ औषधीय और फूलों वाले पौधे लगाने के लिए तैयारी चल रही है। कोशिश यही है कि सालभर के अंदर-अंदर विकास कार्य पूरे होकर प्रतिमा स्थापना का काम हो सके। 

राम टेकरी प्रोजेक्ट



50 करोड़ रुपए कुल लागत होगी प्रोजेक्ट की

30 लाख रुपए से पंचायत विभाग सीढ़ियां बनवाएगा

20 लाख रुपए  से तलहटी में हाट कांप्लेक्स निर्माण 

1.50 करोड़ रुपए से रिटेनिंग वॉल और रोड निर्माण

रोप-वे से जुडेÞंगी राम और हनुमान टेकरी

गुना में दो पहाड़ियां धार्मिक मान्यताओं वाली हैं, एक तो राम टेकरी और दूसरी हनुमान टेकरी। इनमें से रामटेकरी में विशाल राम प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही हनुमान टेकरी को भी विकसित किया जाएगा, जहां पर प्राचीन हनुमान मंदिर है। दोनोें को रोप-वे से जोड़ा जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 

सपने को सच करने में समय तो लगेगा, लेकिन साकार जरूर होगा

सीधी बात

महेंद्र सिंह सिसौदिया, मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास 

क्या है राम प्रतिमा का ड्रीम प्रोजेक्ट?

एक सपना है, जिसमें राम टेकरी और हनुमान टेकरी को विकसित करके रमणीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बनाना है। इसमें 110 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा स्थापना के साथ ही अशोक वाटिका, पंचवटी आदि का निर्माण होगा। राम टेकरी से हनुमान टेकरी तक रोप-वे भी होगा।

निर्माण कार्य अभी किस स्थिति में हैं, कब तक पूरा हो जाएगा?



यह एक सपना है, जिसको पूरा होने में समय तो लगेगा ही, फिर भी सालभर का अनुमान है। इसमें सड़क निर्माण, कम्युनिटी भवन, इलेक्ट्रीफिकेशन, वाटर सप्लाई आदि का काम हो रहा है। वैसे इसमें बड़ी भूमिका हार्टीकल्चर की है, जिसको मेडिशनल, छायादार और फूलदार पौधे लगाना है।

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