अस्थायी मंडी र्इंटखेड़ी में किसानों से अवैध वसूली के लिए मारपीट - Sri Narada News

अस्थायी मंडी र्इंटखेड़ी में किसानों से अवैध वसूली के लिए मारपीट

Share This

डेढ़ दर्जन लोगों का गिरोह रोज रात से सुबह तक करता है वसूली भोपाल

 

भोपाल।  राजधानी की करोंद मंडी को कोरोना संक्रमण के कारण बंद करके अस्थाई तौर पर र्इंटखेड़ी शिफ्ट किया गया है। यहां पर शिफ्Þट की गई फल-सब्जी मंडी में किसानों और कारोबारियों से जबरिया वसूली हो रही है। प्रत्येक किसान या कारोबारी से 50 रुपए से लेकर 200 रुपए तक वसूले जा रहे हैं और नहीं देने पर मारपीट करके सब्जी फेंक दी जाती है। इसको लेकर सोमवार सुबह किसानों, दुकानदारों ने विरोध किया तो जबरिया वसूली करने वालों ने मारपीट की। 

करोंद मंडी को कोरोना संक्रमण फैलने के कारण बंद करने के बाद बीते मंगलवार से र्इंटखेड़ी में अस्थाई व्यवस्था की गई है। यहां पर रोजाना 450 से 500 दुकानें और किसान फल-सब्जी बेचने और खरीदने आते हैं। इनमें सबसे बड़ी तादाद कमीशन एजेंटों या आढ़तियों की होती है। इनसे ही प्रतिदिन 50 रुपए से लेकर 200 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। जबरिया टैक्स वसूली करने वाले डेढ़ दर्जन लोग धमकाते और गालियां देते हैं। जबरिया वसूली का विरोध करने वालों की सब्जी फैला दी जाती है और मारपीट की जाती है। यहां से रोजाना 50 से 60 हजार रुपए की अवैध वसूली हो रही है, यानि बीते सात दिनों में साढेÞ तीन लाख रुपए की अवैध उगाही यहो से हो चुकी है। 

किसी को नही दिया वसूली का ठेका

दूसरी ओर, मंडी प्रशासन, नगर निगम और जिला प्रशासन का साफ कहना है कि किसी को भी किसी भी तरह की टैक्स वसूली, तहबाजारी या मंडी टैक्स वसूली के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। नतीजे में रोजाना डेढ़ से दो लाख रुपए की अवैध वसूली हो रही है। 

सख्त कार्रवाई होगी

किसी को भी, किसी भी तरह के शुल्क वसूली का ठेका या अधिकार नहीं दिया गया है। किसानों और कारोबारियों से वसूली करने वालों के खिलाफ वीडियो फुटेज की जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी। अस्थाई मंडी में तहसीलदार समेत एक टीम तत्काल तैनात की जा रही है, ताकि गड़बड़ी रोकी जा सके। 

                              आकाश श्रीवास्तव, एसडीएम, हुजूर भोपाल

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें