पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के रोजाना 10 कर्मचारियों की कोरोना से मौत - Sri Narada News

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के रोजाना 10 कर्मचारियों की कोरोना से मौत

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इलाज नहीं मिलने से सिर्फ अप्रैल में ही 74 बिजली कर्मियों और परिजनों ने जान गबाई

विद्युत वितरण कंपनी के अधिकतर कर्मचारियों को अस्तपताल तक नसीब नही हो सका

भोपाल। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का मैदानी अमला कोरोना की चपेट में आने से जान गवां रहा है। हालात इतने बदतर है कि अधिकतर कर्मचारियों को अस्पताल तक नसीब नहीं हो पा रहा है। नतीजे में सिर्फ अप्रैल माह में ही 58 विद्युत कर्मचारियों की जान जा चुकी है,  इसके अलावा कोरोना संक्र मित कर्मचारियों के ही कारण इफेक्टेड होने वाले पुत्र, पुत्री, पत्नी आदि 16 की मौत हो चुकी है। हालात यह हो गए हैं कि औसतन रोजाना 8 से 10 कर्मचारियों की मौत हो रही है।  

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत 74 विद्युत कमिर्यों की अप्रैल में मौत हुई है, जिनमें आधे से ज्यादा 25 से 35 साल की आयुवर्ग के थे। इसमें सबसे ज्यादा इंदौर में 16, उज्जैन में 9, रतलाम में 7, देवास में 6, मंदसौर और धार में 5-5, खरगोन, खंडवा, आगर, झाबुआ जिले 4, बड़वानी और शाजापुर में 3-3 और बुरहानपुर में 3, इस प्रकार कुल 74 मौते हुर्इं हैं। कर्मचारियों की माने तो मृत्यु की प्रमुख दो वजह है, एक तो इनमें से ज्यादातर को कंपनी किसी भी अस्पताल में एडमिट ही नही करवा पाई। नतीजे में आॅक्सीजन और आवश्यक दवाएँ नही मिलने से उनकी मृत्यु हुई है। दूसरा कारण यह है कि कि इनमें से कुछ को कंपनी ने शासकीय या प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट तो करवा दिया, लेकिन आॅक्सीजन या बेड नहीं मिल सका। जरूरत पर रेमडेसिविर इंजेक्शन नही मिला।  

पूर्व में व्यवस्था, पश्चिम में नहीं

कर्मचारी यूनियनों ने कहा है कि पूर्व विद्युत वितरण कंपनी ने व्यवस्थाएं बनाई हैं, जिसके तहत कंपनी के जबलपुर अस्पताल को ही कोविड केयर सेँटर में कन्वर्ट कर दिया गया है। वहीं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण के इंदौर और उज्जैन अस्पतालों को समय रहते कोविड केयर सेंटर नहीं बनाया गया। इस बारे में विजली कर्मचारियों की यूनियन ने कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर और मुख्य महाप्रबंधक संतोष टैगोर को ज्ञापन सौंप कर व्यवस्थाएं सुधारने के साथ ही बिजली कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करने की मांग की। बावजूद सुनवाई नहीं हो सकी है। 

बिजली कर्मचारी चौबीसों घंटे फील्ड में मेंटेनेंस, बिलिंग और वसूली में लगे हैं, लेकिन उनकी जान की परवाह कंपनी प्रबंधन को नही है। ऊर्जा मंत्री को ज्ञापन देकर कोरोना वॉरियर्स घोषित करने की मांग की है। सुनवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करके बिजली ठप करेंगे। 

                                  विनय कुमार सिंह परिहार, संयोजक, यूनाईटेड फोरम

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