जग में आहुति देने पहुंच रहे लोग - Sri Narada News

जग में आहुति देने पहुंच रहे लोग

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बेगमगंज। यज्ञ हवन की परम्परा प्रचीन काल से ऋषि मुनियों से चली आ रही है, जिसको आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जा रहा है. वार्ड नंबर 8  मुकरबा में चल रहा है श्री राम महा यज्ञ  ऐसा माना जाता है कि हवन  करने से पूजा पूर्ण मानी जाती है यज्ञ आचार्य हरिकेश शास्त्री तिंसुआ वालो  ने बताया . हवन करने से वातावरण शुद्ध रहता है और सकारात्मक ऊर्जा  का संचार होता है.  हवन का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण काफी खास है.  इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व आपको बता दें कि हवन की परम्परा सदियों से चली आ रही है. हवन का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी खास रूप से किया गया है. अग्नि के जरिए ईश्वर की उपासना करने की  हवन को किया जाता है. कहते हैं कि हवन करने से घर के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।

हवन का धार्मिक महत्व

याग हवन में आहुति देते हुए

पूजा के बाद हवन को बहुत ही शुभ माना गया है. हिंदू धर्म में हवन के बिना किसी भी पूजा को पूर्ण नहीं माना गया है. यही कारण है कि माना जाता है पूजा-पाठ समेत कोई भी धार्मिक कार्य हवन के बिना अधूरा है. हवन के जरिए जहां सकारात्मकता आती है तो वहीं, बुरी आत्माओं के प्रभाव को खत्म किया जाता है.  अगर कोई ग्रह दोष से पीड़ित हो तोग्रह शांति के लिए हवन करना चाहिए.  शुभ कार्य जैसे भूमि पूजन या भवन निर्माण, पूजा-पाठ, कथा और विवाह आदि कार्यक्रम में हवन कराया जाता है।

हवन का वैज्ञानिक महत्व

हवन का धार्मिक महत्व होने के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी होता है. बता दें कि वैज्ञानिक महत्व के हिसाब से हवन से जो धुआँ निकलता है उससे वायुमंडल शुद्ध होता है जो सेहत और दिमाग के लिए अत्यंत फ़ायदेमंद होती है. इसके अलावा हवन करने से कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है, क्योंकि माना जाता है कि हवन में 94 प्रतिशत हानिकारक जीवाणु नष्ट करने की क्षमता होती है।


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